लेखक: Brayne, Carol, Cappuccio, Francesco, Khaw, Kay-Tee, Leng, Yue, Luben, Robert N., Surtees, Paul G., Wainwright, Nick W. J.
प्रकाशित: 17 मार्च 2015
ईपीआईसी-नॉरफ़ोक अध्ययन में 9,692 प्रतिभागियों को शामिल किया गया था, जिनमें से नींद की अवधि के बारे में दो समय बिंदुओं (1998-2000 और 2002-2004) पर जानकारी एकत्र की गई। इस अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने समय के साथ अपनी औसत नींद की अवधि को बढ़ाकर लंबी कर दी, उनमें लगातार औसत नींद लेने वालों की तुलना में स्ट्रोक का खतरा अधिक था। लंबे समय तक सोने से 9.5 वर्षों की अवधि में स्ट्रोक होने का जोखिम 1.46 गुना बढ़ जाता है (95% सीआई 1.08-1.98), और इस दौरान 346 स्ट्रोक के मामले सामने आए। अध्ययन के निष्कर्षों के अनुसार, लंबी नींद संभावित रूप से भविष्य में स्ट्रोक के बढ़ते खतरे का एक उपयोगी प्रारंभिक संकेतक हो सकती है, खासकर उन स्वस्थ वृद्ध लोगों में जिनमें पहले से कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं है।
